गुजरात में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबीं तीन सगी बहनें, एक साथ उठी तीन अर्थियां

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 गुजरात में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबीं तीन सगी बहनें, एक साथ उठी तीन अर्थियां

आणंद (गुजरात): गुजरात के आणंद जिले की खंभात तहसील के शकरपुर गांव में रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। तालाब में डूबने से एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की मौत हो गई। तीनों बहनें तालाब के किनारे कागज की नाव बनाकर पानी में तैरा रही थीं। इसी दौरान एक बच्ची का अचानक पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में जा गिरी।
बहन को डूबता देखकर दूसरी बहन उसे बचाने के लिए पानी में उतर गई। जब वह भी डूबने लगी तो तीसरी बहन ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की। देखते ही देखते तीनों बहनें तालाब के गहरे पानी में समा गईं। हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम छा गया। 😭🙏
एक बच्ची का अचानक पैर फिसला
जानकारी के अनुसार, शकरपुर गांव के मोसम फलिया निवासी अश्विन बारैया की बेटियां रिया (13), आशा (11) और रीना (9) रविवार देर शाम घर से निकली थीं। बताया गया कि तीनों बहनें शौच के लिए घर से निकली थीं।
तालाब के पास पहुंचने के बाद तीनों बच्चियां वहां बैठकर कागज की छोटी-छोटी नावें बनाने लगीं। इसके बाद वे उन नावों को तालाब के पानी में तैराकर खेल रही थीं। इसी दौरान खेलते समय अचानक एक बच्ची का पैर फिसल गया और वह तालाब के गहरे पानी में गिर गई।
बहन को पानी में डूबता देखकर दूसरी बहन उसे बचाने के लिए तुरंत पानी में उतर गई।
बचाने की कोशिश में तीनों बहनें डूबीं
दूसरी बच्ची को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं था। वह अपनी बहन को बचाने की कोशिश करते हुए खुद भी पानी में डूबने लगी। दोनों बहनों को पानी में संघर्ष करते देखकर तीसरी बहन भी उन्हें बचाने के लिए तालाब में उतर गई।
कुछ ही देर में तीनों बच्चियां गहरे पानी में डूब गईं। बताया गया कि तालाब के जिस हिस्से में यह हादसा हुआ, वहां पानी की गहराई करीब 30 फीट थी।
तीनों बच्चियों के काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। परिवार के लोगों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू की।
तालाब के किनारे मिलीं कागज की नावें
तलाश के दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों की नजर तालाब के किनारे पड़ी कागज की नावों पर गई। इसके बाद आशंका हुई कि बच्चियां तालाब में उतरने के बाद डूब गई होंगी।
इसके बाद स्थानीय तैराकों को मौके पर बुलाया गया। तैराकों ने तालाब में उतरकर बच्चियों की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद तीनों बच्चियों के शव एक-एक करके पानी से बाहर निकाले गए।
तीनों बेटियों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एक ही परिवार की तीन बेटियों की एक साथ मौत से पूरा गांव सदमे में आ गया।
एक साथ निकली तीनों बहनों की अंतिम यात्रा
हादसे की सूचना मिलने पर खंभात ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों बच्चियों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजे। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार दोपहर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
सोमवार को जब तीनों बहनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली तो पूरा शकरपुर गांव गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए। परिजनों के विलाप से माहौल बेहद भावुक हो गया।
एक ही परिवार की तीन मासूम बेटियों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। ग्रामीणों ने नम आंखों से तीनों बहनों को अंतिम विदाई दी। बताया गया कि इस दुखद घटना के बाद गांव में कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
एक छोटी-सी गलती और तीन मासूम जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं। यह हादसा परिवार ही नहीं, पूरे गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला दुख बन गया। 😭😭🙏
⚠️ जरूरी सूचना
तालाब, नदी और अन्य गहरे जलस्रोतों के पास बच्चों को अकेले जाने से रोकना बेहद जरूरी है। पानी की गहराई का अंदाजा न होने पर छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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