विजय थलापति की PM पद पर एंट्री? सियासत में मचा घमासान


 PM की रेस में विजय थलापति का नाम, 2029 को लेकर बढ़ी सियासी हलचल


राहुल गांधी को PM बनाने के मुद्दे पर घमासान! कांग्रेस और सीएम विजय की पार्टी के बीच बढ़ी सियासी तकरार



तमिलनाडु की राजनीति से निकलकर अब थलापति विजय के नाम की चर्चा राष्ट्रीय राजनीति में भी तेज होती दिखाई दे रही है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के कुछ नेताओं ने उन्हें 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के संभावित दावेदार के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है।
🔴 सबसे बड़ा सवाल: क्या विजय बनेंगे PM का चेहरा?
TVK के भीतर विजय को प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने की आवाजें उठ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका के लिए उपयुक्त बता रहे हैं।
हाल ही में TVK नेता डी. सारथकुमार ने विधानसभा में विजय को भविष्य का प्रधानमंत्री तक बताया। इसके बाद पार्टी के भीतर चल रही “Vijay for PM” मुहिम ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।
🔥 विजय के नाम पर क्यों बढ़ी हलचल?
विजय ने राजनीति में आने के बाद अपनी पार्टी TVK को तमिलनाडु की सत्ता तक पहुंचाया। अब पार्टी के नेताओं की नजर राज्य की राजनीति से आगे राष्ट्रीय राजनीति पर दिखाई दे रही है।
यही वजह है कि 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर विजय की भूमिका और उनके संभावित राष्ट्रीय विस्तार पर चर्चा शुरू हो गई है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि विजय आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। फिलहाल उनके समर्थन में पार्टी नेताओं की ओर से बयान और राजनीतिक अभियान सामने आ रहे हैं।
🟠 राहुल गांधी के नाम पर भी कांग्रेस का जोर
विजय को PM पद के लिए आगे बढ़ाने की चर्चा के बीच कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी को 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने की मांग भी सामने आई है।
हाल ही में कांग्रेस नेता एस. राजेशकुमार ने साफ कहा कि अगर TVK 2029 में राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर समर्थन नहीं करती है, तो कांग्रेस के मंत्री विजय सरकार में अपने पद पर बने रहने पर पुनर्विचार कर सकते हैं।
⚡ यानी एक तरफ विजय, दूसरी तरफ राहुल गांधी
यही स्थिति अब राजनीतिक रूप से सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गई है।
एक तरफ TVK के कुछ नेता विजय को राष्ट्रीय राजनीति में आगे बढ़ाने की बात कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस खेमे से राहुल गांधी के समर्थन की आवाज उठ रही है।
ऐसे में सवाल यह है कि आने वाले समय में गठबंधन की राजनीति किस दिशा में जाएगी और 2029 के लोकसभा चुनाव में विपक्षी दल प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर किस तरह की रणनीति अपनाएंगे।
📌 विजय की दिल्ली में बढ़ी सक्रियता भी चर्चा में
विजय मई 2026 में मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में तमिलनाडु से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
हालांकि, दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात को सीधे प्रधानमंत्री पद की दावेदारी से जोड़ना उचित नहीं होगा। लेकिन विजय के राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते राजनीतिक कद के बीच उनकी दिल्ली सक्रियता को जरूर राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
🟢 आगे क्या होगा?
2029 के लोकसभा चुनाव में अभी काफी समय बाकी है। इसलिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर अभी कोई अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है।
लेकिन इतना जरूर है कि विजय का नाम अब सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। उनकी पार्टी के नेता खुले तौर पर उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने की बात कर रहे हैं।
अब देखने वाली बात होगी कि क्या “Vijay for PM” सिर्फ पार्टी नेताओं की मांग बनकर रह जाती है या आने वाले समय में विजय वास्तव में राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री पद के बड़े दावेदार के रूप में उभरते हैं।
👉 आपकी राय क्या है?
क्या विजय थलापति को 2029 में प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदार बनाया जाना चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।

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